क्या लिखूं...
क्या लिखूं...
क्या लिखूं...
वो साथ गुजारे पल लिखूं या
मैं बीते साल लिखूं
सदियों लंबी रात लिखूं..
मैं तुमको अपने पास लिखूं
या दूरी का एहसास लिखूं..
दिल का दर्द लिखूं या
चेहरे की मुस्कान लिखूं
वो बरसात के अमरूद लिखूं
या जेठ के दोपहरी की चाय लिखूं..
स्कूटी पर साथ होने का एहसास लिखूं
या ट्रेन की वो आखिरी मुलाकात लिखूँ
वो साथ गुजारे लम्हें लिखूं या
कभी न खत्म होने वाला
इंतजार लिखूं..

लाजबाब सृजन
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