Posts

Showing posts with the label Songs Lyrics

कहो तो तुम्हारे वचन भूल जाऊँ

Image
कहो तो तुम्हारे वचन भूल जाऊँ भटकता हुआ मन अटक सा गया है, कहो तो तुम्हारे वचन भूल जाऊँ ? यहाँ दूर तक फूल ही फूल बिखरे, यहाँ रातरानी अकेली खड़ी है, यहाँ खुशबुओं के हिमालय गड़े हैं, यहाँ की हवा में चमेली पड़ी है.. कली एक अठखेलियाँ कर रही है, कहो तो तुम्हारी छुअन भूल जाऊँ ?   यहाँ लोग तो खूबसूरत बहुत हैं, मगर क्या करूँ एक मेरा नहीं है, यहाँ चाँदनी साथ में रोज सोती, यहाँ दूर तक भी अँधेरा नहीं हैं...   यहाँ से सितारे बहुत पास दिखते, कहो तो तुम्हारे नयन भूल जाऊँ?

शोर करती हैं लहरें

Image
शोर करती हैं लहरें शोर करती हैं लहरें किनारों पर रातभर..  शोर सुनती हैं रातें फिर भी चुपचाप हैं.. बिखर जाते हैं कभी कभी किसी बात पर ...  मैंने कई बार फिर से समेटे मेरे ख़यालात हैं.. ज़मीन पर रुक नहीं पाते हैं कुछ देर तक फिर भी ...  हमें लगता है कि आसमाँ के परिंदे आज़ाद हैं ... वो जो तुझसे कहती है कि तू बहुत कुछ है ...  वो कोई और नहीं तेरे ही मन की आवाज़ है.. तो क्या हुआ जो फासले हो गए हमारे दरमियां...  मैं रहती हूँ जहां भी वो दिल में मेरे साथ है ... ज़माने से कहते फिरते हो कि सब खुशनुमा है...  क्यूँ अपने दिल में तुमने दबाए इतने जज़्बात है... शोर करती हैं लहरें किनारों पर रातभर ...  शोर सुनती हैं रातें फिर भी चुपचाप हैं..

मैं और मेरे अल्फाज

Image
  मैं और मेरे अल्फाज लिखें जाते हैं  कुछ अनकहे अल्फाज  जिसमें होतें है,  सबसे खूबसूरत अहसास। जो न बताए जाते हैं  न जताये जाते हैं  बस,  एकांत फुर्सत के पल में,  किसी कागज पर  उकेरे जातें हैं  कुछ दर्द  गम  खुशियों को,  सूकून के कलम से  अनकहे अल्फाज,  बड़ी शिद्दत से,  संवारे, संभाले जातें हैं..

इंतजार हो तुम..

Image
इंतजार हो तुम .. उगती सुबह और डूबती  शाम... इनके बीच का इंतजार हो तुम..❣️ जो तुम बोलो बिखर जाएं, जो तुम चाहो संवर जाएं.. मगर यूं टूटना जुड़ना, बहुत तकलीफ देता है.. मेरी मोहब्बत का अंदाजा कभी मत लगाना.. हिसाब हम लेंगे नहीं चुका तुम पाओगे नहीं..❣️ एक उम्र निकल दी, बिना मिले तुमसे.. और लोग हमें, इश्क करना सिखा रहे हैं..❣️

सांझ ढले कभी

Image
  सांझ ढले कभी सांझ ढले कभी, तो आओ बैठो साथ मेरे एक चाय की प्याली के साथ तुम्हें हाले दिल सुनाएं.. कैसे बीते ये दिन, महीने, साल तेरे बिन उस हर एक पल का तुम्हें एहसास कराएं.. पतझड़ में जब पेड़ों से पीले पत्ते गिरे बिछड़ते उस मंजर को अपनी आंखों में दिखाएं.. वसंत ऋतु में जब कोयल कूकी विरह की उस गीत को तुम्हें गा के सुनाएं.. सावन के महीने में जब मेरे बदन पर पानी की बूंदे पड़ी उन बूंदों की जलन बताएं.. ओस की बूंदे जब मेरे बालों पर गिरी उन ओस की बूंदों में तुम्हें तेरा ही अक्स दिखाएं.. गर्मी की तपिश में पसीने की बूंदों के साथ आंसू कैसे मिलते, अरमान कैसे पिघलते तुम्हें बताएं.. सांझ ढले कभी तो आओ बैठो साथ मेरे एक चाय की प्याली के साथ तुम्हें हाले दिल सुनाएं..

चलो इक बार फिर से अजनबी बन जाएँ हम दोनों..

Image
चलो इक बार फिर से अजनबी बन जाएँ हम दोनों चलो इक बार फिर से, अजनबी बन जाएं हम दोनों  चलो इक बार फिर से ... न मैं तुमसे कोई उम्मीद रखूँ दिलनवाज़ी की न तुम मेरी तरफ़ देखो गलत अंदाज़ नज़रों से न मेरे दिल की धड़कन लड़खड़ाये मेरी बातों से न ज़ाहिर हो तुम्हारी कश्म-कश का राज़ नज़रों से चलो इक बार फिर से ... तुम्हें भी कोई उलझन रोकती है पेशकदमी से मुझे भी लोग कहते हैं कि ये जलवे पराए हैं मेरे हमराह भी रुसवाइयां हैं मेरे माझी की - २ तुम्हारे साथ भी गुज़री हुई रातों के साये हैं चलो इक बार फिर से ... तार्रुफ़ रोग हो जाये तो उसको भूलना बेहतर ताल्लुक बोझ बन जाये तो उसको तोड़ना अच्छा वो अफ़साना जिसे अंजाम तक लाना ना हो मुमकिन - २ उसे एक खूबसूरत मोड़ देकर छोड़ना अच्छा चलो इक बार फिर से ... chalo ik baar phir se, ajanabii ban jaae.n ham dono chalo ik baar phir se ... na mai.n tumase koi ummiid rakhuun dilanavaazii kii na tum merii taraf dekho galat a.ndaaz nazaron se na mere dil kii dhadkan ladkhadaaye merii baaton se na zaahir ho tumhaarii kashm-kash kaa raaz nazaron se chalo ik baar phir se ... tumhe.n bhii koi...

जाने वो कैसे लोग थे जिनके..हेमंत कुमार

Image
जाने वो कैसे लोग थे जिनके ...  जाने वो कैसे लोग थे जिनके प्यार को प्यार मिला हमने तो जब कलियाँ माँगी काँटों का हार मिला.. जाने वो कैसे लोग थे जिनके प्यार को प्यार मिला खुशियों की मंज़िल ढूँढी तो ग़म की गर्द मिली चाहत के नग़मे चाहे तो आँहें सर्द मिली दिल के बोझ को दूना कर गया जो ग़मसार मिला  हमने तो जब कलियाँ माँगी काँटों का हार मिला जाने वो कैसे लोग थे जिनके प्यार को प्यार मिला.. बिछड़ गया... बिछड़ गया हर साथी देकर  पल दो पल का साथ किसको फ़ुरसत है जो थामे दीवाने का हाथ हमको अपना साया तक अक़सर बेज़ार मिला हमने तो जब कलियाँ माँगी काँटों का हार मिला जाने वो कैसे लोग थे जिनके प्यार को प्यार मिला.. इसको ही जीना कहते हैं तो  यूँ ही जी लेंगे उफ़ न करेंगे लब सी लेंगे आँसू पी लेंगे ग़म से अब घबराना कैसा, ग़म सौ बार मिला हमने तो जब कलियाँ माँगी काँटों का हार मिला.. हेमंत कुमार Jaane Woh Kaise Log The Jinke  Pyar Ko Pyar Mila Humne To Jab Kaliyaan Maangi  Kaaton Ka Haar Mila Jaane Woh Kaise Log The Jinke  Pyar Ko Pyar Mila Khusioyonki manzil dhoondi to  gham ki gard mil...