अनजाने रिश्ते..
अनजाने रिश्ते..
कभी खामोश
तो कभी
चुपचाप मुस्कुराते
कभी अजनबी
तो कभी दिल के
करीब लगते
न कोई बंधन
न कोई अपेक्षा
नि:स्वार्थ समर्पित
कुछ अनकहे एहसास
कुछ खामोश जज़्बात
एक रुहानी अनुभूति
एक मासूम अभिव्यक्ति
एक आत्मीय सहेजते से
अनजाने रिश्ते..

जो रिश्ता दिल से जुड़ता है वह फिर अनजाना नही रहता,,बहुत खूब,,
ReplyDeleteरिश्तों की गरिमा को अभिव्यक्त करती सुंदर रचना
ReplyDelete