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अधुरी कहानियाँ

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  अधुरी कहानियाँ कुछ तकदीर हार गई, कुछ सपने टूट गए... कुछ गैरों ने बर्बाद किया, कुछ अपने छोड़ गए. .. 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 जख्म छुपाना सिख लिया था, खुद से भी हमने.. मगर जो परछाई हो, छुपाए खुद, कैसे खुद से.. 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 कुछ टूटे दिल की दास्तान है जिंदगी..  कुछ बिखरे ख्वाब और  सपनों की रात है जिंदगी..  कुछ पुरी,  कुछ अधुरी कहानियों की किताब है जिंदगी..  कुछ काँच के टुकड़े हैं,  जिसे वापस समेट सकते हैं,  क्योंकि सुख दुख का आईना है जिंदगी.. कुछ महक अभी भी बाकी है,  उस मुरझाये फूल में..  क्योंकि जीने की आखरी आस है जिंदगी.. 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 प्यार की परिभाषा शब्द रहित है अद्भुत है प्रशंसनीय है अद्वितीय है गहरी है अकथनीय है अवर्णनीय है अपरिमित है  💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 हम पिघलते जा रहे हैं, घर और नौकरी की ऊष्मा के बीच.. जीवन मोम सा हो गया है, जलता है पर चमक बरकरार है... 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 कभी कभी हम किसी के लिए, उतना जरूरी भी नहीं होते.. जितना की हम, सोच लेते हैं... 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔

दर्द शायरी

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दर्द शायरी फासला इतना के उसे देख भी नहीं सकते, और क़रीब इतना है के रग रग में बसा है..❤ 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 ऐ मन ले चल मुझे वहाँ जहाँ कोई नहीं हो तेरे और मेरे सिवा🍂 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 मेरे कातिल को कोई इतना पूछे मिटा के मुझको आखिर क्या मिलेगा 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 मेरी आँखों की जानिब तुम ना देखो यहाँ मौसम बहोत भीगा मिलेगा 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 बिछड़ के मुझ से तुम को क्या मिलेगा कहाँ इक दोस्त मुझ जैसा मिलेगा🍂 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 ज़माना कब कहाँ कैसा मिलेगा न तुझसा कोई न मुझसा मिलेगा🍂 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 बहुत अकेला कर गया वो मुझे लगता ही नहीं के मेरे अंदर मेरा भी कुछ है.. आंखों में सिर्फ उसका इंतजार है और हर आती जाती सांसों में सिर्फ उसका नाम..❤️ 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 उसकी याद में पल पल बिखरती जा रही हूं ऐ जिंदगी, संभाल ले मुझे बहुत सी जिम्मेदारियां बाकी है अभी..🍂 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 कुछ तो है मेरे अंदर जो टूटता जा रहा.. मैं समेटने में लगी हूं और वो बिखरता जा रहा..🍂 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 कुछ लोग ज़िन्दगी होते हैं पर ज़िन्दगी में नही होते..💔 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 मेरी बस एक तमन्ना थी...

दर्द क्या है - तुझसे दूरी

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दर्द क्या है - तुझसे दूरी 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 दर्द क्या है - तुझसे दूरी; नशा क्या है - तेरी बांहे; सुंदर क्या था - तेरा साथ; मीठा क्या था - तेरी बातें; स्वाद क्या है - तेरे लब; खुशी क्या है - तेरी मुस्कान; रात क्या है - तेरी खामोशी; सूरज क्या है - तेरी चमक; ख्वाब क्या है - तेरा दीदार; गहरा क्या है - तेरी आंखें; सुकून क्या है - तेरी आवाज़ ❤️

उसे कब फर्क पड़ता है

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उसे कब फर्क पड़ता है 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 सोंचा था कभी बात नहीं करूंगी उससे ये उसकी सजा होगी उसके हर गलतियों की फिर ख्याल आया उसे कब फर्क पड़ता है इन बातों से ये तो मेरी सजा है उससे दिल लगाने की.. 💔

वो रास आया क्यूँ जिसे हम रास ही नहीं

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वो रास आया क्यूँ जिसे हम रास ही नहीं  क्या कहूँ तुझसे तुझपे मेरा हक नहीं  ना है तू मेरा, ना मैं तेरी हुई क्यूँ हुई यकीन की बेआबरूयत  आस है उससे जिससे आस ही नहीं दूर इतनी की खयालों में भी नहीं  रूबरू होना दूर एहसासों में भी नहीं  क्यूँ हुई ये बेसबब तोहीन-ए-मोहब्बत  पास हूँ उसके जो पास ही नहीं खुमारी तेरे खयालों की इख़्तियार नहीं  रहते हरदम छाए निगाहों में जोर नहीं  क्यूँ हुई चाहतों की मेरी रुसवाईयत वो रास आया क्यूँ जिसे हम रास ही नहीं  💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔

ये चांद भी ना,

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ये चांद भी ना  ये चांद भी ना, आजकल शीतलता नहीं सिर्फ दर्द देता है.. खुद तो सारी रात जागता ही है, साथ में मुझे भी जगाता है..💔 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 ये चांद भी, कभी मेरे मुहब्बत का गवाह हुआ करता था.. फिर क्या हुआ, जो आज ये मेरे आंसुओं का गवाह है.. तब यह मेरी खुशी में मेरे साथ था, अब यह मेरे दर्द में भी मेरे साथ है..💔 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 चलो कोई तो है, जो हर रात मेरे साथ होता.. मेरी खुशी में भी, मेरे दर्द में भी.. पर शायद कुदरत को ये भी मंजूर नहीं, तभी तो बीच में अमावस आ जाता..💔 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 आज रात चांद आया खिड़की पर, कुछ बातें करने.. देख कर दर्द मेरा, वो भी खामोश रह गया..💔 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 जिंदगी का एक नया तजुर्बा हुआ.. फिर एक नया दर्द मिला..💔 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 रोज़ उदास होते है हम, और रात गुजर जाती है.. कहने को तो जी रहे है लेकिन, हर पल हर लम्हा सांस निकलती जाती है..💔 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 प्यार सभी को जीना सिखा देता है, वफा के नाम पर मरना सिखा देता है.. प्यार नहीं किया तो कर के देख लो यारों, जालिम हर दर्द सहना सिखा देता है..💔 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔 दर्द बहुत हुआ ...

इंतजार तो नहीं

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इंतजार तो नहीं उसे देखे इक अरसा हो गया जिसे देखे बगैर चैन न था इन आंखों को आज भी  उसके दीदार की चाह है जिसको छोड़ कर गए बरसों हो गया चाहा बहुत की दूरी बना लूं उससे पर इस दिल का क्या करूं जो आज भी उसी के लिए धड़कता है कभी जो कहते थे तेरा दिल मेरे सीने में धड़कता है उनको सीने से दिल निकाले भी इक मुद्दत हो गया कभी जिसके हर पल की खबर थी आज उसका हाल जाने भी इस जमाना हो गया कभी जो मुझे बिन सुलाए सोते नहीं थे आज उन्हें मेरी नींद उड़ाए भी  बरसों हो गए दुख तो इस बात से है इन बीते बरसों में इक बार पलटकर पूछा भी नहीं जिन आंखों को सपने दिखाए थे वो रोते तो नहीं जो दिल लौटाया था  वो संभाला तो है जो आदत लगाई थी सुलाने की, वो छूटी के नहीं कहीं आज भी  ' सो जाओ ' का इंतजार तो नहीं बड़ी शिद्दत से संवारा था जिस दिल को उस दिल को मेरा इंतजार तो नहीं चलो छोड़ो इक बार पलटकर खैरियत तो पूछा होता जिसे चाहा था कभी टूट कर क्या वो जिंदा है, मरी तो नहीं.. 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔