Posts

ये हर बदलता मौसम

Image
ये हर बदलता मौसम मुझे ये हर बदलता मौसम मुझे  बेहद करीब ले जाता उसकी यादों के मैं जितना दूर होना चाहती वह उतना पास आते जाता मैं भूलना चाहती जिन लम्हों को वो कुछ ज्यादा ही याद आती लम्हा लम्हा तो जुड़ा है उसकी बातों से चाहे फिर वो सुबह की पहली किरण हो दोपहर की चिलचिलाती धूप शाम का दिलकश नज़ारा हो या रात की शीतलता बारिश की फुहारें हो या आसमान में कड़कती बिजली आधा चांद हो या पुर्णिमा का पूरा चांद पतझड़ हो या सावन ये हर बदलता मौसम बेहद करीब ले जाता उसकी यादों के मैं जितना दूर होना चाहती वह उतना पास आते जाता..💔

सांझ ढले कभी

Image
  सांझ ढले कभी सांझ ढले कभी, तो आओ बैठो साथ मेरे एक चाय की प्याली के साथ तुम्हें हाले दिल सुनाएं.. कैसे बीते ये दिन, महीने, साल तेरे बिन उस हर एक पल का तुम्हें एहसास कराएं.. पतझड़ में जब पेड़ों से पीले पत्ते गिरे बिछड़ते उस मंजर को अपनी आंखों में दिखाएं.. वसंत ऋतु में जब कोयल कूकी विरह की उस गीत को तुम्हें गा के सुनाएं.. सावन के महीने में जब मेरे बदन पर पानी की बूंदे पड़ी उन बूंदों की जलन बताएं.. ओस की बूंदे जब मेरे बालों पर गिरी उन ओस की बूंदों में तुम्हें तेरा ही अक्स दिखाएं.. गर्मी की तपिश में पसीने की बूंदों के साथ आंसू कैसे मिलते, अरमान कैसे पिघलते तुम्हें बताएं.. सांझ ढले कभी तो आओ बैठो साथ मेरे एक चाय की प्याली के साथ तुम्हें हाले दिल सुनाएं..

प्रेम..

Image
  प्रेम .. वो दिल हमारा हर बार, तार - तार करते हैं.. हम भी रफ़ू दिल,  बार-बार करते है..❤️ 💕 💕 💕 💕 प्रेम.. दो आत्माओं का एक हो जाना नहीं एक ही आत्मा का दो अलग जिस्मों में ......रहना है..❤️ 💕 💕 💕 💕 दिल चाहता है. आज फिर एक पैगाम दे दूँ, मरते दमतक तुम्हें... चाहने की जुबान दे दूँ 💞 💕 💕 💕 💕 प्रेम न भूख है न खेल है प्रेम तो वो प्यास है जितना पियो उतने प्यासे..💕 💕 💕 💕 💕

सम्पूर्ण प्रेम क्या है

Image
  सम्पूर्ण प्रेम क्या है बिना छुए स्पर्श कर लेना बिना शब्दों के बातें कर लेना बिना मिले मन के भाव पढ़ लेना बिना देखे महसूस कर लेना बिना मिले साथी को जान लेना बिना जाने भरोसा कर लेना बिना चाहे एक दूजे के हो जाना बिना समझे साथी पर खुद को  न्योछावर कर देना बिना समझे अपनी दुनिया मान लेना बिना सोचे खुद में साथी को उतार लेना बिना मतलब के हर पल चाहना बिना बात के साथी का इंतजार करना बिना मोल भाव के खुद को समर्पित कर देना बिना मिले बिना देखे किसी का हो जाना यही तो निश्छल प्रेम है.. ❤️

दूरियां

Image
दूरियां अकेली ही अपनी मंजिल पर पहुंचने की कोशिश में हूं, लोगों ने मेरा साथ बीच मंझधार में छोड़ा है.. 💔 आज फिर इतनी बेचैनी इतनी बेकरारी तू साथ होता तो लिपटकर जी भर रो लेते हम.. 💔 सोंचा ना था पास हो के भी दूरियां इस कदर बढ़ जाएंगी कि लब बोलना चाहकर भी  खामोश रह जायेंगे.. 💔

चलो इक बार फिर से अजनबी बन जाएँ हम दोनों..

Image
चलो इक बार फिर से अजनबी बन जाएँ हम दोनों चलो इक बार फिर से, अजनबी बन जाएं हम दोनों  चलो इक बार फिर से ... न मैं तुमसे कोई उम्मीद रखूँ दिलनवाज़ी की न तुम मेरी तरफ़ देखो गलत अंदाज़ नज़रों से न मेरे दिल की धड़कन लड़खड़ाये मेरी बातों से न ज़ाहिर हो तुम्हारी कश्म-कश का राज़ नज़रों से चलो इक बार फिर से ... तुम्हें भी कोई उलझन रोकती है पेशकदमी से मुझे भी लोग कहते हैं कि ये जलवे पराए हैं मेरे हमराह भी रुसवाइयां हैं मेरे माझी की - २ तुम्हारे साथ भी गुज़री हुई रातों के साये हैं चलो इक बार फिर से ... तार्रुफ़ रोग हो जाये तो उसको भूलना बेहतर ताल्लुक बोझ बन जाये तो उसको तोड़ना अच्छा वो अफ़साना जिसे अंजाम तक लाना ना हो मुमकिन - २ उसे एक खूबसूरत मोड़ देकर छोड़ना अच्छा चलो इक बार फिर से ... chalo ik baar phir se, ajanabii ban jaae.n ham dono chalo ik baar phir se ... na mai.n tumase koi ummiid rakhuun dilanavaazii kii na tum merii taraf dekho galat a.ndaaz nazaron se na mere dil kii dhadkan ladkhadaaye merii baaton se na zaahir ho tumhaarii kashm-kash kaa raaz nazaron se chalo ik baar phir se ... tumhe.n bhii koi...

जाने वो कैसे लोग थे जिनके..हेमंत कुमार

Image
जाने वो कैसे लोग थे जिनके ...  जाने वो कैसे लोग थे जिनके प्यार को प्यार मिला हमने तो जब कलियाँ माँगी काँटों का हार मिला.. जाने वो कैसे लोग थे जिनके प्यार को प्यार मिला खुशियों की मंज़िल ढूँढी तो ग़म की गर्द मिली चाहत के नग़मे चाहे तो आँहें सर्द मिली दिल के बोझ को दूना कर गया जो ग़मसार मिला  हमने तो जब कलियाँ माँगी काँटों का हार मिला जाने वो कैसे लोग थे जिनके प्यार को प्यार मिला.. बिछड़ गया... बिछड़ गया हर साथी देकर  पल दो पल का साथ किसको फ़ुरसत है जो थामे दीवाने का हाथ हमको अपना साया तक अक़सर बेज़ार मिला हमने तो जब कलियाँ माँगी काँटों का हार मिला जाने वो कैसे लोग थे जिनके प्यार को प्यार मिला.. इसको ही जीना कहते हैं तो  यूँ ही जी लेंगे उफ़ न करेंगे लब सी लेंगे आँसू पी लेंगे ग़म से अब घबराना कैसा, ग़म सौ बार मिला हमने तो जब कलियाँ माँगी काँटों का हार मिला.. हेमंत कुमार Jaane Woh Kaise Log The Jinke  Pyar Ko Pyar Mila Humne To Jab Kaliyaan Maangi  Kaaton Ka Haar Mila Jaane Woh Kaise Log The Jinke  Pyar Ko Pyar Mila Khusioyonki manzil dhoondi to  gham ki gard mil...