एक वक्त पर

एक वक्त पर


एक वक्त पर जाकर ये महसूस होता है,

बेहतर होता अगर हम कुछ लोगों से मिले ही नहीं होते..


.

Comments

Popular posts from this blog

प्रेम ब्रह्मांड जितना विशाल है

कहो तो तुम्हारे वचन भूल जाऊँ

अनजाने रिश्ते..